Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.158.23-24h: क्षत्रिय अपनी भुजाओं से वीरता दिखाते हैं। ब्राह्मण अपनी वाणी में वीर होते हैं। अर्जुन धनुष चलाने में वीर है; परन्तु कर्ण केवल योजना बनाने में ही वीर है। जिसने अपने पराक्रम से भगवान शिव को भी प्रसन्न कर लिया है, उसे कौन मार सकता है? | mahabharat अध्याय 7.158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षत्रिय अपनी भुजाओं से वीरता दिखाते हैं। ब्राह्मण अपनी वाणी में वीर होते हैं। अर्जुन धनुष चलाने में वीर है; परन्तु कर्ण केवल योजना बनाने में ही वीर है। जिसने अपने पराक्रम से भगवान शिव को भी प्रसन्न कर लिया है, उसे कौन मार सकता है?
‘Kshatriyas show their bravery with their arms. Brahmins are brave in their speech. Arjun is brave in shooting the bow; but Karna is brave only in making plans. Who can kill Arjun who has pleased even Lord Shiva with his bravery?’
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥