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mahabharat 7.158.10: हे कुरुपुत्र! जब तक मैं जीवित हूँ, तब तक तुम शोक मत करो। मैं युद्धभूमि में एक साथ आए हुए समस्त पाण्डवों को परास्त कर दूँगा॥10॥   |   mahabharat अध्याय 7.158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 158: दुर्योधन और कर्णकी बातचीत, कृपाचार्यद्वारा कर्णको फटकारना तथा कर्णद्वारा कृपाचार्यका अपमान  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.158.10 
मयि जीवति कौरव्य विषादं मा कृथा: क्वचित्।
अहं जेष्यामि समरे सहितान् सर्वपाण्डवान्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुपुत्र! जब तक मैं जीवित हूँ, तब तक तुम शोक मत करो। मैं युद्धभूमि में एक साथ आए हुए समस्त पाण्डवों को परास्त कर दूँगा॥10॥
 
O son of Kuru! Do not be sad as long as I am alive. I will defeat all the Pandavas who have come unitedly to the battlefield.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)