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mahabharat 7.157.46: अर्जुन ने द्रोणाचार्य के दाहिने पार्श्व पर तथा भीमसेन ने उनके बायें पार्श्व पर बाणों की भारी वर्षा आरम्भ कर दी।   |   mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.157.46 
बीभत्सुर्दक्षिणं पार्श्वमुत्तरं च वृकोदर:।
भारद्वाजं शरौघाभ्यां महद्‍भ्यामभ्यवर्षताम्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने द्रोणाचार्य के दाहिने पार्श्व पर तथा भीमसेन ने उनके बायें पार्श्व पर बाणों की भारी वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Arjuna started raining huge showers of arrows on Dronacharya's right flank and Bhimasena on his left flank.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)