Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.157.38: तब कुरु के राजा युधिष्ठिर ने, जो हाथी और सिंह के समान वेगवान थे, चौड़ी छाती वाले, बड़ी-बड़ी लाल आँखों वाले और अत्यंत तेजस्वी थे, महेन्द्र अस्त्र प्रकट किया और उससे अन्य सभी दिव्य अस्त्रों को नष्ट कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब कुरु के राजा युधिष्ठिर ने, जो हाथी और सिंह के समान वेगवान थे, चौड़ी छाती वाले, बड़ी-बड़ी लाल आँखों वाले और अत्यंत तेजस्वी थे, महेन्द्र अस्त्र प्रकट किया और उससे अन्य सभी दिव्य अस्त्रों को नष्ट कर दिया।
Then Yudhishthira, the king of Kuru, who was as swift as an elephant and a lion, adorned with a broad chest and had large red eyes and was extremely radiant, manifested the Mahendra weapon and with it destroyed all the other divine weapons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥