Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.157.33: द्रोणाचार्य ने अत्यन्त क्रोध में आकर राजा युधिष्ठिर को अपने वायव्यास्त्र से घायल कर दिया। युधिष्ठिर ने भी अपने दिव्यास्त्रों से उनके दिव्यास्त्रों को नष्ट कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोणाचार्य ने अत्यन्त क्रोध में आकर राजा युधिष्ठिर को अपने वायव्यास्त्र से घायल कर दिया। युधिष्ठिर ने भी अपने दिव्यास्त्रों से उनके दिव्यास्त्रों को नष्ट कर दिया।
Dronacharya, filled with great anger, pierced King Yudhishthira with his Vayavyastra. Yudhishthira also destroyed his divine weapons with his own.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥