Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.157.32: जब द्रोणाचार्य ने युधिष्ठिर को अपनी सेना को पीछे हटाते देखा, तब आपके पुत्र दुर्योधन की प्रेरणा से उन्होंने उस पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।   |   mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  7.157.32 
सैन्यानि द्रावयन्तं तं द्रोणो दृष्ट्वा युधिष्ठरम्।
चोदितस्तव पुत्रेण सायकैरभ्यवाकिरत्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
जब द्रोणाचार्य ने युधिष्ठिर को अपनी सेना को पीछे हटाते देखा, तब आपके पुत्र दुर्योधन की प्रेरणा से उन्होंने उस पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
When Dronacharya saw Yudhishthira repulsing his troops, he, inspired by your son Duryodhana, began showering arrows upon him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)