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mahabharat 7.157.29: अभिषह, शूरसेन, बाह्लीक तथा वसति देश के योद्धाओं का नाश करके राजा युधिष्ठिर ने इस पृथ्वी पर रक्त का एक कुंड निर्मित कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.157.29 
अभीषाहाञ्छूरसेनान् बाह्लीकान् सवसातिकान्।
निकृत्य पृथिवीं राजा चक्रे शोणितकर्दमाम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
अभिषह, शूरसेन, बाह्लीक तथा वसति देश के योद्धाओं का नाश करके राजा युधिष्ठिर ने इस पृथ्वी पर रक्त का एक कुंड निर्मित कर दिया।
 
Having destroyed Abhishah, Shurasena, Bahlika and the warriors of Vasati country, King Yudhishthira created a pool of blood on this earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)