Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.157.23-25h: महारथी शतचन्द्र के मारे जाने से क्रोधित होकर शकुनि के पांच वीर भाई - गवाक्ष, शरभ, विभु, सुभग और भानुदत्त - महारथी भीमसेन पर टूट पड़े और उन्हें तीखे बाणों से घायल करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महारथी शतचन्द्र के मारे जाने से क्रोधित होकर शकुनि के पांच वीर भाई - गवाक्ष, शरभ, विभु, सुभग और भानुदत्त - महारथी भीमसेन पर टूट पड़े और उन्हें तीखे बाणों से घायल करने लगे।
Filled with resentment at the killing of the mighty car-warrior Shatachandra, Shakuni's five brave brothers - Gavaksh, Sharabha, Vibhu, Subhaga and Bhanudatta - attacked the mighty car-warrior Bhimasena and began wounding him with sharp arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥