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mahabharat 7.157.20-21h: आपके उन पुत्रों को दस बाणों से मारकर भीमसेन ने कर्ण के प्रिय पुत्र वृषसेन पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।   |   mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  7.157.20-21h 
नाराचैर्दशभिर्भीमस्तान् निहत्य तवात्मजान्॥ २०॥
कर्णस्य दयितं पुत्रं वृषसेनमवाकिरत्।
 
 
अनुवाद
आपके उन पुत्रों को दस बाणों से मारकर भीमसेन ने कर्ण के प्रिय पुत्र वृषसेन पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Having killed those sons of yours with ten arrows, Bhimasena began showering arrows on Karna's beloved son Vrishasena. 20 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)