Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.157.18-19h: उन्हें अपने सामने देखकर भीमसेन क्रोधित हो गए और उन्होंने दस भारी भार वहन करने वाले बाण लिए, प्रत्येक के लिए एक-एक, और उनके महत्वपूर्ण स्थानों पर उन्हें मारा। | mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्हें अपने सामने देखकर भीमसेन क्रोधित हो गए और उन्होंने दस भारी भार वहन करने वाले बाण लिए, प्रत्येक के लिए एक-एक, और उनके महत्वपूर्ण स्थानों पर उन्हें मारा।
Seeing them in front of him, Bhimasena became furious. He took ten arrows capable of bearing heavy loads, one for each of them, and shot them at their vital spots.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥