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mahabharat 7.157.15-16h: पाण्डुपुत्र भीमसेन की गदा से बह्लीक का सिर कट गया और वह वज्र से घायल पर्वतराज के समान मृत होकर भूमि पर गिर पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  7.157.15-16h 
सा पाण्डवेन प्रहिता बाह्लीकस्य शिरोऽहरत्॥ १५॥
स पपात हत: पृथ्व्यां वज्राहत इवाद्रिराट्।
 
 
अनुवाद
पाण्डुपुत्र भीमसेन की गदा से बह्लीक का सिर कट गया और वह वज्र से घायल पर्वतराज के समान मृत होकर भूमि पर गिर पड़ा।
 
Bahlika's head was severed by the mace thrown by Pandu's son Bhimasena. He fell to the ground dead like a mountain king struck by thunderbolt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)