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mahabharat 7.157.14-15h: इस प्रकार शक्ति के प्रहार से भीमसेन स्तब्ध होकर मूर्छित हो गए। फिर होश में आने पर शक्तिशाली भीम ने उन पर गदा से प्रहार किया।   |   mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  7.157.14-15h 
स तथाभिहतो भीमश्चकम्पे च मुमोह च॥ १४॥
प्राप्य चेतश्च बलवान् गदामस्मै ससर्ज ह।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार शक्ति के प्रहार से भीमसेन स्तब्ध होकर मूर्छित हो गए। फिर होश में आने पर शक्तिशाली भीम ने उन पर गदा से प्रहार किया।
 
Thus, Bhimasena was shaken and fell unconscious after being struck by Shakti. Then, on regaining consciousness, the powerful Bhima attacked him with his mace.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)