Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.157.13-14h: तब महाकाय कवचधारी का पुत्र बाह्लीक अत्यन्त कुपित हो उठा और उसने भीमसेन की छाती में अपना भाला इस प्रकार मारा, मानो देवराज इन्द्र ने किसी पर्वत पर वज्र से प्रहार किया हो। | mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब महाकाय कवचधारी का पुत्र बाह्लीक अत्यन्त कुपित हो उठा और उसने भीमसेन की छाती में अपना भाला इस प्रकार मारा, मानो देवराज इन्द्र ने किसी पर्वत पर वज्र से प्रहार किया हो।
Then Bahlika, the son of the mighty armoured man, became extremely enraged and thrust his spear into Bhimasena's chest as if Indra, the king of gods, had struck a mountain with a thunderbolt.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥