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अश्वत्थामोवाच
गच्छ वत्स सहान्यैस्त्वं युध्यस्वामरविक्रम॥ ९३॥
न हि पुत्रेण हैडिम्बे पिता न्याय्य: प्रबाधितुम्।
अनुवाद
अश्वत्थामा ने कहा, "हे देवताओं के समान पराक्रमी पुत्र! तुम जाकर दूसरों से युद्ध करो। हे हिडिम्बपुत्र! पुत्र का अपने पिता को भी कष्ट देना उचित नहीं है।"
Ashwatthama said, "O son, who is as valiant as the gods! You go and fight with others. O son of Hidimba! It is not right for a son to trouble his father also." 93 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥