श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 89-90h
 
 
श्लोक  7.156.89-90h 
तमयस्मयवर्माणं द्रौणिर्भीमात्मजात्मजम्॥ ८९॥
जघानाञ्जनपर्वाणं महेश्वर इवान्धकम्।
 
 
अनुवाद
उस समय द्रोणपुत्र ने लोहे का कवच धारण करके भीमसेन के पौत्र अंजनपर्वा को उसी प्रकार मार डाला, जिस प्रकार भगवान महेश्वर ने अंधकासुर को मारा था।
 
At that time, Drona's son, wearing an iron armour, killed Anjanaparva, the grandson of Bhimasena, in the same manner as Lord Maheshwara had killed Andhakasur.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)