Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.156.81-82h: भीमसेन के पौत्र अंजनपर्वा के बाणों से आवृत हुए अश्वत्थामा मेघों की वर्षा से आवृत हुए मेरु पर्वत के समान शोभायमान हो रहे थे। | mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमसेन के पौत्र अंजनपर्वा के बाणों से आवृत हुए अश्वत्थामा मेघों की वर्षा से आवृत हुए मेरु पर्वत के समान शोभायमान हो रहे थे।
Ashvatthama, covered with the arrows of Anjanaparva, the grandson of Bhimasena, looked as graceful as Mount Meru covered with the torrents of rain from the clouds. 81 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥