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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 80-81h
 
 
श्लोक  7.156.80-81h 
घटोत्कचसुत: श्रीमान् भिन्नाञ्जनचयोपम:॥ ८०॥
रुरोध द्रौणिमायान्तं प्रभञ्जनमिवाद्रिराट्।
 
 
अनुवाद
घटोत्कच के प्रतापी पुत्र अंजनपर्वणे ने, जो कटे हुए कोयले के समान काले थे, अपनी ओर आते हुए अश्वत्थामा को उसी प्रकार रोक दिया, जैसे महाबली हिमालय तूफान को रोक देता है।
 
Ghatotkacha's illustrious son Anjana Parvane, who was as black as a heap of chopped coal, stopped Ashvatthama coming towards him just as the mighty Himalaya stops a storm. 80 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)