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mahabharat 7.156.4: सात्वत! वृष्णिवंश में केवल दो ही महारथी युद्ध के लिए प्रसिद्ध हैं। एक हैं महाबली प्रद्युम्न और दूसरे आप। 4॥   |   mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.156.4 
द्वावेव किल वृष्णीनां तत्र ख्यातौ महारथौ।
प्रद्युम्नश्च महाबाहुस्त्वं चैव युधि सात्वत॥ ४॥
 
 
अनुवाद
सात्वत! वृष्णिवंश में केवल दो ही महारथी युद्ध के लिए प्रसिद्ध हैं। एक हैं महाबली प्रद्युम्न और दूसरे आप। 4॥
 
Satvat! Among the Vrishni dynasty, only two great warriors are famous for war. One is the mighty Pradyumna and the other is you. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)