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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.156.38 
ते वध्यमाना द्रोणेन पाण्डुपुत्रस्य सैनिका:।
प्राद्रवन् वै भयाद् राजन् सार्तनादा दिशो दश॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
महाराज! द्रोणाचार्य के प्रहार से पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर के सैनिक भयभीत होकर चिल्लाते हुए सब ओर भाग गये।
 
King! After being struck by Dronacharya, the soldiers of Yudhishthira, son of Pandu, fled in all directions in fear, crying out in pain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)