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mahabharat 7.156.28-29h: जब सोमदत्त युद्धभूमि में शक्तिशाली धनुषधारी सात्यकि के द्वारा बुरी तरह घायल हो गया, तब वह रथ के आसन पर बैठ गया और अपनी सुध-बुध खोकर मूर्छित हो गया।   |   mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  7.156.28-29h 
सोऽतिविद्धो बलवता समरे दृढधन्विना॥ २८॥
रथोपस्थं समासाद्य मुमोह गतचेतन:।
 
 
अनुवाद
जब सोमदत्त युद्धभूमि में शक्तिशाली धनुषधारी सात्यकि के द्वारा बुरी तरह घायल हो गया, तब वह रथ के आसन पर बैठ गया और अपनी सुध-बुध खोकर मूर्छित हो गया।
 
When Somadatta was severely wounded in the battle-field by the powerful Satyaki, who wielded a strong bow, he sat down in the seat of the chariot and lost his senses and fell unconscious. 28 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)