Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.156.25-26h: अपने बलवान साथियों से सुरक्षित सोमदत्त ने सात्यकि को अपने बाणों से ढक लिया। सात्यकि को मुड़े हुए बाणों से आच्छादित देखकर धृष्टद्युम्न क्रोध में भरकर विशाल सेना लेकर वहाँ आ पहुँचा। | mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने बलवान साथियों से सुरक्षित सोमदत्त ने सात्यकि को अपने बाणों से ढक लिया। सात्यकि को मुड़े हुए बाणों से आच्छादित देखकर धृष्टद्युम्न क्रोध में भरकर विशाल सेना लेकर वहाँ आ पहुँचा।
Protected by his strong companions, Somadatta covered Satyaki with his arrows. Seeing Satyaki covered with arrows with bent ends, Dhrishtadyumna, filled with rage, arrived there with a huge army.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥