Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.156.184-185h: इसके बाद अत्यन्त क्रोध में भरे हुए अश्वत्थामा ने एक अत्यन्त भयंकर और उत्तम बाण चलाया जो सीधा चला गया और फिर धनुष को उसकी नोक तक खींचकर शीघ्रता से घटोत्कच पर चलाया। वह बाण यमराज के भयंकर दण्ड के समान था। | mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद अत्यन्त क्रोध में भरे हुए अश्वत्थामा ने एक अत्यन्त भयंकर और उत्तम बाण चलाया जो सीधा चला गया और फिर धनुष को उसकी नोक तक खींचकर शीघ्रता से घटोत्कच पर चलाया। वह बाण यमराज के भयंकर दण्ड के समान था।
After this, Ashwatthama, filled with great anger, aimed a very fierce and excellent arrow that went straight and then pulled the bow till its tip and quickly shot it at Ghatotkacha. That arrow was like a terrible rod of Yama. 184 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥