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mahabharat 7.156.165: तत्पश्चात् भीमसेन एक हजार रथ, तीन सौ हाथी और छः हजार घुड़सवारों के साथ युद्धभूमि में आये।   |   mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 165
 
 
श्लोक  7.156.165 
ततो रथसहस्रेण द्विरदानां शतैस्त्रिभि:।
षड्‍‍भिर्वाजिसहस्रैश्च भीमस्तं देशमागमत्॥ १६५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भीमसेन एक हजार रथ, तीन सौ हाथी और छः हजार घुड़सवारों के साथ युद्धभूमि में आये।
 
Thereafter Bhimasena arrived at the battlefield with a thousand chariots, three hundred elephants and six thousand horsemen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)