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mahabharat 7.156.15: महाराज! आपका वीर योद्धा पुत्र भूरिश्रवा मारा गया है। भाई के वियोग में दुःखी होकर शाल भी वीरगति को प्राप्त हुआ है॥ 15॥   |   mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.156.15 
हतो भूरिश्रवा वीरस्तव पुत्रो महारथ:।
शलश्चैव महाराज भ्रातृव्यसनकर्षित:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
महाराज! आपका वीर योद्धा पुत्र भूरिश्रवा मारा गया है। भाई के वियोग में दुःखी होकर शाल भी वीरगति को प्राप्त हुआ है॥ 15॥
 
‘Maharaj! Your valiant warrior son Bhurishrava has been killed. Saddened by the loss of his brother, Shal too has attained martyrdom.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)