Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.156.140-143: रणभूमि में सैकड़ों-हजारों भयंकर पराक्रमी राक्षसों से युक्त अश्वत्थामा, जो किसी से भी नहीं डरते थे और क्रोध से लाल नेत्रों वाले थे, उनके सिर पर शक्ति, शतघ्नी, परिघ, अष्णी, शूल, पट्टिश, खड्ग, गदा, भिन्दिपाल, मूसल, कुल्हाड़ी, प्रासा, कटार, तोमर, कण्ठ, तीक्ष्ण कंठ, मोटे पत्थर, भुशुण्डि, गदा, काले लोहे के खम्भे और शत्रुओं को विदीर्ण करने में समर्थ भयंकर वज्र की वर्षा होने लगी ॥140-143॥ | mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रणभूमि में सैकड़ों-हजारों भयंकर पराक्रमी राक्षसों से युक्त अश्वत्थामा, जो किसी से भी नहीं डरते थे और क्रोध से लाल नेत्रों वाले थे, उनके सिर पर शक्ति, शतघ्नी, परिघ, अष्णी, शूल, पट्टिश, खड्ग, गदा, भिन्दिपाल, मूसल, कुल्हाड़ी, प्रासा, कटार, तोमर, कण्ठ, तीक्ष्ण कंठ, मोटे पत्थर, भुशुण्डि, गदा, काले लोहे के खम्भे और शत्रुओं को विदीर्ण करने में समर्थ भयंकर वज्र की वर्षा होने लगी ॥140-143॥
In the battle of battle, hundreds and thousands of fiercely mighty demons, Ashwatthama, who was not afraid of anyone and had eyes red with anger, had on his head Shakti, Shataghni, Parigha, Ashni, Shool, Pattish, Khadga, Mace, Bhindipal, Musal, Axe, Prasa, Katar, Tomar, Kanap, Sharp Tremors, Thick Stones, Bhusundi, Mace, Black Iron Pillars and They started raining fierce thunderbolts capable of tearing apart the enemies. 140-143॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥