Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.156.135: नरेश्वर! जैसे भगवान महेश्वर त्रिपुर को जलाकर आकाश में शोभायमान हो गए थे, वैसे ही अश्वत्थामा भी अपने बाणों से दैत्यों की अक्षौहिणी सेना को जलाकर शोभायमान हो गए थे ॥135॥ | mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरेश्वर! जैसे भगवान महेश्वर त्रिपुर को जलाकर आकाश में शोभायमान हो गए थे, वैसे ही अश्वत्थामा भी अपने बाणों से दैत्यों की अक्षौहिणी सेना को जलाकर शोभायमान हो गए थे ॥135॥
Nareshwar! Just as Lord Maheshwar became beautiful in the sky by burning Tripura, similarly Ashwatthama became beautiful by burning the Akshauhini army of demons with his arrows. 135॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥