Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.156.101: जैसे बादल पर्वत पर जल की धारा बरसाता है, उसी प्रकार घटोत्कच ने रथियों में श्रेष्ठ अश्वत्थामा पर रथ के धुरों के समान मोटे बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। | mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे बादल पर्वत पर जल की धारा बरसाता है, उसी प्रकार घटोत्कच ने रथियों में श्रेष्ठ अश्वत्थामा पर रथ के धुरों के समान मोटे बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
Just as a cloud pours down a torrent of water on a mountain, Ghatotkacha began to shower arrows as thick as the axles of a chariot on Ashvatthama, the best among charioteers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥