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mahabharat 7.155.9: प्रत्येक युद्ध में तुम कहते हो कि मेरे सारथी मारे गए, पराजित हुए और रथहीन हो गए ॥9॥   |   mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.155.9 
हतांश्चैव विषक्तांश्च पराभूतांश्च शंससि।
रथिनो विरथांश्चैव कृतान् युद्धेषु मामकान्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
प्रत्येक युद्ध में तुम कहते हो कि मेरे सारथी मारे गए, पराजित हुए और रथहीन हो गए ॥9॥
 
In every war you say that my charioteers are killed, defeated and left chariotless. ॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)