Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.155.6-7h: युद्धस्थल में शत्रुओं का संहार करते समय आचार्य के सम्मुख कौन-से वीर योद्धा खड़े थे? हे प्रभु! मैं सोचता हूँ कि द्रोणाचार्य के बाणों से आहत होकर समस्त पाण्डव शीत ऋतु में दुबली-पतली गायों के समान काँपने लगे होंगे। | mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
के पुरस्तादवर्तन्त निघ्नन्त: शात्रवान् रणे।
मन्येऽहं पाण्डवान् सर्वान् भारद्वाजशरार्दितान्॥ ६॥
शिशिरे कम्पमाना वै कृशा गाव इव प्रभो।
अनुवाद
युद्धस्थल में शत्रुओं का संहार करते समय आचार्य के सम्मुख कौन-से वीर योद्धा खड़े थे? हे प्रभु! मैं सोचता हूँ कि द्रोणाचार्य के बाणों से आहत होकर समस्त पाण्डव शीत ऋतु में दुबली-पतली गायों के समान काँपने लगे होंगे।
Which brave warriors were standing in front of the Acharya while killing the enemies on the battlefield. O Lord! I think that after being hit by the arrows of Dronacharya, all the Pandavas must have started trembling like skinny cows in the winter season. 6 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥