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mahabharat 7.155.5: वरदान देनेवाले वीर द्रोणाचार्य का अनुसरण कौन-कौन लोग करते थे और युद्धप्रिय योद्धा आचार्य का अनुसरण कौन-कौन से योद्धा करते थे?   |   mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.155.5 
के च तं वरदं वीरमन्वयुर्द्विजसत्तमम्।
के चास्य पृष्ठतोऽगच्छन् वीरा: शूरस्य युध्यत:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
वरदान देनेवाले वीर द्रोणाचार्य का अनुसरण कौन-कौन लोग करते थे और युद्धप्रिय योद्धा आचार्य का अनुसरण कौन-कौन से योद्धा करते थे?
 
Who followed the boon-giving brave Dronacharya and which warriors followed the war-loving warrior Acharya? 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)