Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.155.44: तदनन्तर, जिस प्रकार देवताओं ने अन्धकासुर के वध के पश्चात भगवान शिव की स्तुति और पूजा की थी, उसी प्रकार नकुल, सहदेव, द्रुपद, केकय के राजकुमार विराट और युधिष्ठिर भी भीमसेन की विजय से अत्यन्त प्रसन्न हुए और उन्होंने वृकोदर की बहुत प्रशंसा की। | mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर, जिस प्रकार देवताओं ने अन्धकासुर के वध के पश्चात भगवान शिव की स्तुति और पूजा की थी, उसी प्रकार नकुल, सहदेव, द्रुपद, केकय के राजकुमार विराट और युधिष्ठिर भी भीमसेन की विजय से अत्यन्त प्रसन्न हुए और उन्होंने वृकोदर की बहुत प्रशंसा की।
Thereafter, just as the gods had praised and worshipped Lord Shiva after the killing of Andhakasura, similarly Nakula, Sahadeva, Drupada, Virata, the prince of Kekaya and Yudhishthira were also very pleased with Bhimasena's victory and they praised Vrikodara a lot.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥