Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.155.35-36: तब दुर्मद दुष्कर्ण के रथ पर बैठ गया। तब शत्रुओं को पीड़ा देने वाले वे दोनों भाई उसी रथ पर सवार होकर युद्ध के मुहाने पर भीमसेन पर उसी प्रकार टूट पड़े, जैसे वरुण और मित्र ने दैत्यराज तारक पर आक्रमण किया था। | mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दुर्मदस्तु ततो यानं दुष्कर्णस्यावचक्रमे।
तावेकरथमारूढौ भ्रातरौ परतापनौ॥ ३५॥
संग्रामशिरसो मध्ये भीमं द्वावप्यधावताम्।
यथाम्बुपतिमित्रौ हि तारकं दैत्यसत्तमम्॥ ३६॥
अनुवाद
तब दुर्मद दुष्कर्ण के रथ पर बैठ गया। तब शत्रुओं को पीड़ा देने वाले वे दोनों भाई उसी रथ पर सवार होकर युद्ध के मुहाने पर भीमसेन पर उसी प्रकार टूट पड़े, जैसे वरुण और मित्र ने दैत्यराज तारक पर आक्रमण किया था।
Then Durmad sat on Dushkarna's chariot. Then both those brothers, tormentors of the enemies, mounted on the same chariot and attacked Bhimasena at the mouth of the battle; just as Varuna and Mitra had attacked the demon king Taraka.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥