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mahabharat 7.155.28-29h: उसने जोर से गर्जना करते हुए जयरत को अपने बाएं हाथ से पटककर मार डाला और फिर जाकर कर्ण के सामने खड़ा हो गया।   |   mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  7.155.28-29h 
जयरातमथाक्षिप्य नदन् सव्येन पाणिना॥ २८॥
तलेन नाशयामास कर्णस्यैवाग्रत: स्थित:।
 
 
अनुवाद
उसने जोर से गर्जना करते हुए जयरत को अपने बाएं हाथ से पटककर मार डाला और फिर जाकर कर्ण के सामने खड़ा हो गया।
 
Roaring loudly, he slapped Jayarat with his left hand and killed him. Then he went and stood in front of Karna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)