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mahabharat 7.155.22: उन्होंने पहले भीमसेन को पाँच बाणों से, फिर सात बाणों से घायल किया। उनके सारथि विशोक को तीन बाणों से घायल किया और एक बाण से उनके ध्वज को छेद दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.155.22 
स भीमं पञ्चभिर्विद्‍ध्वा पुनर्विव्याध सप्तभि:।
विशोकं त्रिभिरानर्च्छद् ध्वजमेकेन पत्त्रिणा॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने पहले भीमसेन को पाँच बाणों से, फिर सात बाणों से घायल किया। उनके सारथि विशोक को तीन बाणों से घायल किया और एक बाण से उनके ध्वज को छेद दिया।
 
He first pierced Bhimasena with five arrows and then with seven arrows. He shot his charioteer Vishoka with three arrows and pierced his flag with one arrow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)