Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.155.20: इसके बाद दुर्योधन ने शीघ्र ही द्रोणाचार्य को एक नया सारथी उपलब्ध कराया। जब नए सारथी ने अपने घोड़ों पर नियंत्रण कर लिया, तो उसने शत्रुओं पर पुनः आक्रमण कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततोऽस्य सारथिं क्षिप्रमन्यं दुर्योधनोऽदिशत्।
स तेन संगृहीताश्व: पुनरभ्यद्रवद् रिपून्॥ २०॥
अनुवाद
इसके बाद दुर्योधन ने शीघ्र ही द्रोणाचार्य को एक नया सारथी उपलब्ध कराया। जब नए सारथी ने अपने घोड़ों पर नियंत्रण कर लिया, तो उसने शत्रुओं पर पुनः आक्रमण कर दिया।
Thereafter Duryodhana soon provided Dronacharya with a new charioteer. When the new charioteer took control of his horses, he again attacked the enemies.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥