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mahabharat 7.155.19: यह देखकर द्रोणाचार्य ने महायोद्धा शिबि के घोड़ों को मार डाला और उसके सारथि को भी मार डाला। फिर उसके सिर को उसके धड़ से मुकुट समेत अलग कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.155.19 
तस्य द्रोणो हयान् हत्वा सारथिं च महात्मन:।
अथास्य सशिरस्त्राणं शिर: कायादपाहरत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर द्रोणाचार्य ने महायोद्धा शिबि के घोड़ों को मार डाला और उसके सारथि को भी मार डाला। फिर उसके सिर को उसके धड़ से मुकुट समेत अलग कर दिया।
 
Seeing this, Dronacharya killed the horses of the great warrior Sibi and also killed his charioteer. Then he cut off his head along with his helmet from his torso.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)