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mahabharat 7.155.18: तब शिबि ने बदला लेने के लिए उसे तीस तीखे बाणों से बींध डाला और हंसते हुए भाले से उसके सारथि को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.155.18 
तं शिबि: प्रतिविव्याध त्रिंशता निशितै: शरै:।
सारथिं चास्य भल्लेन स्मयमानो न्यपातयत्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
तब शिबि ने बदला लेने के लिए उसे तीस तीखे बाणों से बींध डाला और हंसते हुए भाले से उसके सारथि को मार डाला।
 
Then Shibi took revenge by piercing him with thirty sharp arrows and smilingly killed his charioteer with a spear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)