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mahabharat 7.155.17: पाण्डव पक्ष के उन महाबली योद्धाओं को आते देख आचार्य ने उन्हें दस तीखे बाणों से घायल कर दिया, जो पूर्णतः लोहे के बने हुए थे।   |   mahabharat अध्याय 7.155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 155: द्रोणाचार्यद्वारा शिबिका वध तथा भीमसेनद्वारा घूँसे और थप्पड़से कलिंगराजकुमारका एवं ध्रुव, जयरात तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुष्कर्ण और दुर्मदका वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.155.17 
तमापतन्तं सम्प्रेक्ष्य पाण्डवानां महारथम्।
विव्याध दशभिर्बाणै: सर्वपारशवै: शितै:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव पक्ष के उन महाबली योद्धाओं को आते देख आचार्य ने उन्हें दस तीखे बाणों से घायल कर दिया, जो पूर्णतः लोहे के बने हुए थे।
 
Seeing those mighty warriors from the Pandava side approaching, the Acharya wounded them with ten sharp arrows made entirely of iron.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)