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यत्प्राविशन्महेष्वास: पञ्चालानपराजित:।
नृत्यन् स रथमार्गेषु सर्वशस्त्रभृतां वर:॥ ६॥
अनुवाद
क्योंकि महान धनुर्धर द्रोणाचार्य, जो किसी से भी अपराजित नहीं थे और समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ थे, रथपथ पर नृत्य करते हुए पांचाल सेना में प्रवेश कर गए।
Because Dronacharya, that great archer, who was undefeated by anyone and was the best among all weapon wielders, entered the Panchala army dancing on the chariot paths.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥