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mahabharat 7.154.38-39h: जब वह अत्यन्त भयंकर एवं भयानक रात्रि युद्ध चल रहा था, तब पाण्डव और सृंजयगण क्रोध में भरकर एक साथ द्रोणाचार्य पर टूट पड़े।   |   mahabharat अध्याय 7.154: रात्रियुद्धमें पाण्डव-सैनिकोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण और द्रोणाचार्यद्वारा उनका संहार   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.154.38-39h 
रात्रियुद्धे महाघोरे वर्तमाने सुदारुणे॥ ३८॥
द्रोणमभ्यद्रवन् क्रुद्धा: सहिता: पाण्डुसृञ्जया:।
 
 
अनुवाद
जब वह अत्यन्त भयंकर एवं भयानक रात्रि युद्ध चल रहा था, तब पाण्डव और सृंजयगण क्रोध में भरकर एक साथ द्रोणाचार्य पर टूट पड़े।
 
When that extremely fierce and dreadful night battle was going on, the Pandavas and the Srinjayas filled with anger attacked Dronacharya together. 38 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)