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mahabharat 7.154.15-16h: भरतश्रेष्ठ! जब वे वीर पुरुष युद्ध के लिए आये, तब वह रात्रि अत्यन्त भयंकर हो गई, जिससे भयभीत पुरुषों का भय और बढ़ गया ॥15 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.154: रात्रियुद्धमें पाण्डव-सैनिकोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण और द्रोणाचार्यद्वारा उनका संहार   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.154.15-16h 
तेषु शूरेषु युद्धाय गतेषु भरतर्षभ॥ १५॥
बभूव रजनी घोरा भीरूणां भयवर्धिनी।
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! जब वे वीर पुरुष युद्ध के लिए आये, तब वह रात्रि अत्यन्त भयंकर हो गई, जिससे भयभीत पुरुषों का भय और बढ़ गया ॥15 1/2॥
 
Bharatshrestha! When those brave men arrived for the war, that night became very dreadful, which increased the fear of fearful men. 15 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)