Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.154.1-2: धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! जब महाबली आचार्य द्रोण ने क्रोध में भरकर मेरी आज्ञा का उल्लंघन करने वाले मेरे मूर्ख पुत्र दुर्योधन से उपर्युक्त बातें कहकर पाण्डव सेना में प्रवेश किया, तब जब महाधनुर्धर एवं पराक्रमी योद्धा द्रोण रथ पर बैठकर सेना में प्रवेश करके सम्पूर्ण दिशाओं में विचरण कर रहे थे, तब पाण्डवों ने उन्हें कैसे रोका?॥1-2॥ | mahabharat अध्याय 7.154: रात्रियुद्धमें पाण्डव-सैनिकोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण और द्रोणाचार्यद्वारा उनका संहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! जब महाबली आचार्य द्रोण ने क्रोध में भरकर मेरी आज्ञा का उल्लंघन करने वाले मेरे मूर्ख पुत्र दुर्योधन से उपर्युक्त बातें कहकर पाण्डव सेना में प्रवेश किया, तब जब महाधनुर्धर एवं पराक्रमी योद्धा द्रोण रथ पर बैठकर सेना में प्रवेश करके सम्पूर्ण दिशाओं में विचरण कर रहे थे, तब पाण्डवों ने उन्हें कैसे रोका?॥1-2॥
Dhritarashtra asked - Sanjay! When the powerful Acharya Drona, filled with anger, entered the Pandava army after saying the above mentioned things to my foolish son Duryodhan who had violated my orders, then how did the Pandavas stop the great archer and valiant warrior Drona when he entered the army sitting on his chariot and was roaming in all directions?॥ 1-2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥