Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.153.d5: द्रोणाचार्य, कर्ण और कृपाचार्य के मना करने के बावजूद दुर्योधन पांडव सेना में उसी प्रकार घुस गया, जैसे मगरमच्छ समुद्र में घुस जाता है।   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक d5
 
 
श्लोक  7.153.d5 
द्रोणेन वार्यमाणोऽसौ कर्णेन च कृपेण च।
प्राविशत् पाण्डवीं सेनां मकरा: सागरं यथा॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य, कर्ण और कृपाचार्य के मना करने के बावजूद दुर्योधन पांडव सेना में उसी प्रकार घुस गया, जैसे मगरमच्छ समुद्र में घुस जाता है।
 
Despite the refusal of Dronacharya, Karna and Kripacharya, Duryodhan entered the Pandava army just like a crocodile enters the ocean.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)