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mahabharat 7.153.9: वे सभी योद्धा उस युद्धभूमि में निर्भय होकर घूमते हुए अपने बाणों, भालों और कुल्हाड़ियों से एक दूसरे को परलोक भेज रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.153.9 
तेऽन्योन्यं समरे योधा: शरशक्तिपरश्वधै:।
प्रैषयन् परलोकाय विचरन्तो ह्यभीतवत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वे सभी योद्धा उस युद्धभूमि में निर्भय होकर घूमते हुए अपने बाणों, भालों और कुल्हाड़ियों से एक दूसरे को परलोक भेज रहे थे।
 
All those warriors, moving fearlessly in that battle-field, were sending one another to the other world with their arrows, spears and axes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)