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mahabharat 7.153.5: महाराज! वे मदोन्मत्त हाथी अत्यन्त क्रोध में भरकर आपस में लड़ने लगे और एक-दूसरे को दाँतों से नोचने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.153.5 
वारणाश्च महाराज समासाद्य परस्परम्।
विषाणैर्दारयामासु: सुसंक्रुद्धा मदोत्कटा:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
महाराज! वे मदोन्मत्त हाथी अत्यन्त क्रोध में भरकर आपस में लड़ने लगे और एक-दूसरे को दाँतों से नोचने लगे।
 
Maharaj! The intoxicated elephants filled with great anger began fighting each other and ripping each other with their tusks.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)