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mahabharat 7.153.4: एक दूसरे पर आक्रमण करने वाले रथियों में भयंकर युद्ध होने लगा, जो बहते हुए रक्त की धाराओं के कारण अत्यंत भयानक प्रतीत हो रहा था ॥4॥   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.153.4 
रथिनां रथिभि: सार्धं रुधिरस्रावदारुणम्।
प्रावर्तत महद् युद्धं निघ्नतामितरेतरम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
एक दूसरे पर आक्रमण करने वाले रथियों में भयंकर युद्ध होने लगा, जो बहते हुए रक्त की धाराओं के कारण अत्यंत भयानक प्रतीत हो रहा था ॥4॥
 
A fierce battle began between charioteers attacking each other, which appeared extremely dreadful due to the torrents of blood flowing. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)