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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 39-40
 
 
श्लोक  7.153.39-40 
तत: पाञ्चाल्यसेनानां भृशमासीद् रवो महान्॥ ३९॥
हतो राजेति राजेन्द्र मुदितानां समन्तत:।
बाणशब्दरवश्चोग्र: शुश्रुवे तत्र मारिष॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
आदरणीय महाराज! उस समय पांचाल सैनिक अत्यन्त प्रसन्न हुए और चारों ओर यह कहकर कोलाहल मचाने लगे कि 'राजा दुर्योधन मारा गया।' वहाँ बाणों की भयंकर ध्वनि भी सुनाई दे रही थी।
 
Respected King! At that time the Panchala soldiers were very happy and created a lot of uproar all around saying that 'King Duryodhana has been killed'. The terrifying sound of arrows could also be heard there. 39-40.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)