Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.153.20-21h: जैसे वायु और धूप के कारण जल सूख जाने पर पद्मिनी व्याकुल हो जाती है, उसी प्रकार आपके पुत्र के तेज से पाण्डव सेना असहाय हो गई ॥20 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षीणतोयानिलार्काभ्यां हतत्विडिव पद्मिनी॥ २०॥
बभूव पाण्डवी सेना तव पुत्रस्य तेजसा।
अनुवाद
जैसे वायु और धूप के कारण जल सूख जाने पर पद्मिनी व्याकुल हो जाती है, उसी प्रकार आपके पुत्र के तेज से पाण्डव सेना असहाय हो गई ॥20 1/2॥
Just as Padmini becomes distraught when water dries up due to wind and sun, in the same way, the Pandava army became helpless due to the brilliance of your son. 20 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥