Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.153.19-20h: जिस प्रकार हाथी चारों ओर खिले हुए कमल पुष्पों से सुशोभित तालाब को मथता है, उसी प्रकार आपके पुत्र ने युद्धभूमि में पाण्डव सेना को मथ डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  7.153.19-20h 
पुत्रेण तव सा सेना पाण्डवी मथिता रणे॥ १९॥
नलिनी द्विरदेनेव समन्तात् फुल्लपङ्कजा।
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार हाथी चारों ओर खिले हुए कमल पुष्पों से सुशोभित तालाब को मथता है, उसी प्रकार आपके पुत्र ने युद्धभूमि में पाण्डव सेना को मथ डाला।
 
Just as an elephant churns a pond decorated with lotus flowers blooming on all sides, similarly your son churned the Pandava army on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)