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mahabharat 7.153.17-18h: आपके धनुर्धर पुत्र के चलाये हुए सुनहरे पंख और चमकीली धार वाले बाणों से घायल होकर अनेक पाण्डव सैनिक तुरन्त गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 7.153: कौरव-पाण्डव-सेनाका युद्ध, दुर्योधन और युधिष्ठिरका संग्राम तथा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.153.17-18h 
रुक्मपुङ्खै: प्रसन्नाग्रैस्तव पुत्रेण धन्विना॥ १७॥
अर्द्यमाना: शरैस्तूर्णं न्यपतन् पाण्डुसैनिका:।
 
 
अनुवाद
आपके धनुर्धर पुत्र के चलाये हुए सुनहरे पंख और चमकीली धार वाले बाणों से घायल होकर अनेक पाण्डव सैनिक तुरन्त गिर पड़े।
 
Many Pandava soldiers fell down instantly after being struck by the arrows having golden feathers and shining edges, shot by your archer son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)